केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा

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मेरठ । व्यापारियों ने अलग-अलग मांगों को लेकर वाणिज्य कर भवन पर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार द्वारा दैनिक आवश्यक अनब्रांडेड वस्तुओं, प्रमुख खाद्यान्न वस्तुओं को जीएसटी में शामिल करते हुए पांच फीसदी टैक्स लगाने का विरोध जताया। कहा कि इससे दाल, चना, गेहूं व अन्य आवश्यक वस्तुऐं महंगी हो जाएंगी। जीएसटी मल्टीपाइंट टैक्स होने के कारण प्रत्येक बिक्री पर जीएसटी जुडता चला जाएगा। जनता को भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री से लगाए गए टैक्स को वापस लिए जाने की मांग की। कहा कि शराब व पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल किया जाए।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारी वाणिज्य कर भवन पहुंचे। व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कहा कि कुटीर, घरेलू व लघु उद्योग पर लगाए गए इस टैक्स का विपरीत प्रभाव पड़ेगा। जिस कारण हमारे घरेलू उद्योग धंधे प्रभावित होंगे। अस्पतालों के कमरे व चिकित्सा उपकरणो पर लगाए गए कर से चिकित्सा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं, प्रिंटिंग व स्टेशनरी मैं इस्तेमाल होने वाले सामान पर कर लगाने से शिक्षा व्यवस्था आम आदमी से दूर हो जायेगी।

खेती में काम आने वाली मशीन, सब्जियों के लिए काम आने वाली मशीनरी व खेती में अन्य प्रयोग होने वाली प्रमुख वस्तु पर कर लगाये जाने से खेती का सामान महंगा हो जाएगा। सोलर सिस्टम पर कर बढ़ाए जाने से वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था प्रभावित होगी। सरकार को पर्याप्त मात्रा में जीएसटी के रूप में कर प्राप्त हो रहा है जिस वजह से जीएसटी लागू किए जाते समय किए गए वादे को पूरा करने के लिए जीएसटी की दरें घटाने का समय है, ना कि जीएसटी की दरें बढ़ाने का‌।

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