तीन सदस्यीय टीम करेगी गोवंश की मौत की जांच 

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मेरठ । फलावदा क्षेत्र के गांव झिंझाड़पुर में गोवंश की मौत मामले की जांच तीन सदस्यीय टीम करेगी। पीड़िता ने 23 जुलाई के सम्पूर्ण समाधान दिवस में गोवंश के मुआवजे का मामला उठाया था।

फलावदा क्षेत्र के ग्राम झिंझाड़पुर निवासी पशुपालक महिला करुणा पत्नी संजय ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में कहा है कि 19 फरवरी 22 में उसकी गाय बीमार होने पर उसने पिलौना में सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना दी थी। आरोप है कि उन्होंने देदूपुर के एलईओ को सरकारी डॉक्टर बताकर पशु के उपचार हेतु भेज दिया। गाय के स्वास्थ्य में सुधार न होने पर जब वह पिलौना सरकारी अस्पताल पहुंची तो वहां ताला लटका हुआ था। डॉ. नीलम ने उन्हें दो दिन का अवकाश बताया था। जब वह नगला हरेरु पशु अस्पताल पहुंची तो वहां भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। करुणा ने बताया कि उसने पशुधन प्रसार अधिकारी मनोज को फोन किया तो उसने भी खुद को शादी में बताकर पल्ला झाड़ लिया। आरोप है कि राजकीय पशु चिकित्सालय फलावदा में तैनात कर्मचारी ने एक प्राइवेट चिकित्सक को सरकारी डॉक्टर बताकर इलाज के लिए उनके पास भेज दिया। इसी लापरवाही में उसके गोवंश की मौत हो गई। पीड़िता ने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की गई।

करूणा ने बताया कि अब उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। पीड़िता ने मुआवजे की मांग करते हुए 23 जुलाई को सम्पूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत की। एसडीएम अखिलेश यादव ने इस मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। उधर फलावदा के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इन्द्रजीत ने बताया कि बीमार गोवंश को देखने उन्होंने अपने कर्मचारी को कई बार भेजा, लेकिन ठीक नहीं होने की दशा में पशुपालक उसे मोदीपुरम ले गये जहां पर गोवंश की मौत हो गई। उन्होंने इस बारे में अपना स्पष्टीकरण मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भेज दिया है।

 

 

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