फरार नही है दरोगा: पीड़िता

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मेरठ से संवाददाता मोहसिन खान की रिपोर्ट । दरोगा पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता कप्तान के पास इंसाफ की गुहार लगाने पहुची। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जो कि गलत है। वह खुद पीड़िता है। उसके पास अपने बेगुनाह होने के सभी सबूत मौजूद है। ऐसा कहना पीड़िता का है। पीड़ित ने कहा है कि अगर दरोगा को मैं ब्लैकमेल कर रही थी तो दरोगा ने पहले मेरे खिलाफ करावाई क्यों नही की। वो तो दरोगा था तो मेरे खिलाफ कार्यवाही कर सकता था।

दरअसल मामला थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के सरस्वती लोक का है, जहां पीड़िता महिला रहती है। उसकी पूर्व कुछ साल पहले स्कूटी चोरी हुई थी, जिसकी वह कंप्लेंट कराने थाने पहुंची थी। वहां उसकी मुलाकात चौकी इंचार्ज दरोगा अरुण कुमार से हुई। अरुण कुमार स्कूटी की जांच का दिलासा देकर महिला के घर आना जाना लगा था। जिसके बाद महिला ने कुछ दिन पहले ही दरोगा पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए, एसएसपी कार्यालय पहुंची थी और न्याय की गुहार लगाई थी। जब महिला न्याय की गुहार लगाने एसएसपी कार्यालय पहुंची तो इस मामले में नया मोड़ आते हुए, अगले दिन आरोपी दरोगा की पत्नी अपनी पति को बचाने के लिए पीड़ित पर ब्लैकमेल करने का मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद पीड़िता परेशान हुए और दुबारा एसएसपी कार्यालय पर न्याय की गुहार के लिए पहुंची और उसने कहा कि अगर मैं दरोगा को ब्लैकमेल कर रही थी तो उसने मेरे से पहले कार्यवाही क्यों नहीं की या मेरे पर पहले क्यों मुकदमा नहीं कराया। वह तो पुलिस वाला है। पुलिस वाले तो अपनी हिफाजत करना अच्छे से जानते हैं। मेरे पर जो आरोपी दरोगा की पत्नी ने ब्लैकमेल करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। वह बिल्कुल झूठा है। मेरे पर अपने बेगुनाह होने के सभी सबूत मौजूद है। दरोगा मेरे से उल्टा पैसे मांगता था, जिसको लेकर उसने दरोगा के साथ की गई व्हाट्सएप चैट और ट्रांजिशन की भी फोटोस दिखाइए और कहा कि दिए गए पैसों की ट्रांजिशन तो झूठी नहीं होगी। मैं सिर्फ इतना चाहती हूं इस पूरे मामले की जांच की जाए और मुझे न्याय दिया जाए और आरोपी दरोगा को जल्द से जल्द सजा दी जाए।

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