रैपिड रेल की जमीन के लिए किया कैंट बोर्ड की कार्रवाई का विरोध

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मेरठ । रैपिड रेल के लिए सदर तहसील के सामने गंगा मोटर कमेटी और इसके पास की 18 दुकानों को हटाने के लिए कैंट बोर्ड की कार्रवाई का जबरदस्त विरोध हो गया। पहले तो दुकानदार सामान हटाने लगे। बाद में मौके पर पहुंचे कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि पहले वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए। कैंट बोर्ड ने इस पर असमर्थता जताई। उसके बाद प्रशासन और नगर निगम से वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया है।

कैंट बोर्ड की तरफ से एक महीने पूर्व गंगा मोटर कमेटी और उससे सटी 18 दुकानों को 22 जुलाई तक खाली कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की अवधि समाप्ति के एक सप्ताह बाद गुरुवार को कैंट बोर्ड टीम पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस फोर्स के साथ दोपहर बाद गंगा मोटर की 18 दुकानों को खाली कराने पहुंची। दुकानों को खाली कराने का काम शुरू हुआ तो गंगा मोटर कमेटी और दुकानदारों ने विरोध कर दिया। सूचना मिलने पर कैंट विधायक अमित अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुकानों को खाली कराने का काम फिलहाल रुकवा दिया। उन्होंने मौके पर पहुंचे सीईओ ज्योति कुमार से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने को कहा। सीईओ ने कहा कि कैंट बोर्ड में ऐसी व्यवस्था नहीं है। उसके बाद प्रशासन व नगर निगम से दुकानों के पीछे ही 18 दुकानों के लिए जगह देने की बात हुई। तब तक दो दिन में दुकानों का सारा सामान शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस दौरान नामित सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष अंकित सिंघल, विशाल कन्नौजिया, अंकित कुशवाहा, नितिन बालाजी आदि मौजूद रहे।

अभियान के दौरान चर्चा रही कि कैंट बोर्ड की टीम ने जगह खाली कराने के लिए दुकानों को खाली कराया। वहीं, कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने पहुंचकर सामान रखवा दिया, जबकि रैपिड रेल राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट है। गंगा मोटर कमेटी को हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है।

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