शासन के पत्र को लेकर आक्रोशित वकीलों ने 19 मई को आम सभा बुलाई

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मेरठ । शासन द्वारा लिखे गये पत्र के बाद वकीलों में आक्रोश पनपने लगा है। मेरठ बार एसोसिएशन के बैनर तले बुधवार को वेस्ट UP के सभी जिलों में वकील न्यायिक कार्य से विरत हैं। वकीलों का कहना है की 19 मई को आम सभा बुलाई गई है। वकील किसी भी शासन व सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। आम सभा में आगे की रणनीति पर फैसला लिया जायेगा।

मेरठ बार एसोसिएशन के अंतर्गत वेस्ट यूपी के मेरठ, बागपत, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, आगरा, अलीगढ़, अमरोहा, मथुरा सहित 24 जिलों में वकील न्यायिक कार्य से विरत है। वकीलों का कहना है की वकीलों पर कार्रवाई जिला जज को करनी चाहिए या DM को।

उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल की ओर से एक पत्र प्रदेश के सभी जिलों के DM को लिखा गया। जिसमें कहा गया कि जनपद न्यायालयों में अधिवक्तागणों की ओर से किये जाने वाले अराजकतापूर्ण कृत्यों का तत्काल संज्ञान लिया जाना सुनिश्चित करते हुए संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही समय समय पर की गई कार्रवाई की सूचना समय समय पर शासन को अवगत कराएं।

मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्रपाल सिंह, महामंत्री अजय कुमार शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्रपाल सिंह, गजेंद्र सिंह धामा, पीडी शर्मा, संजय शर्मा, मनोज गुप्ता, रामकुमार शर्मा, और अन्य वकील जिला जज रजत सिंह जैन से मिले। जहां मेरठ बार एसोसिएशन ने ज्ञापन दिया और शासन के पत्र को तानाशाही बताया।

वरिष्ठ अधिवक्ता और सपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड की है। जिसमें शासन का पत्र भी है। राजपाल सिंह ने लिखा है कि दुनिया का इतिहास गवाह है कि वकील आज तक तानाशाहों से भी नहीं डरे। वकीलों ने जिस दौर को चाहा है बदल डाला है। जिस दौर को डालेंगे बदल डालेंगे। सरकार चाहती है कि कोई अपने हितों की आवाज न उठाए।

 

 

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