160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पाने को टेलीकाम कंपनियों पर निर्भर नहीं रहेगी रैपिड रेल

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देश के पहले रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के लिए टेलीकाम कंपनियों की भांति अलग से टेलीकाम स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) इसका उपयोग दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कारिडोर के टेलीकाम नेटवर्क में करेगा।

रैपिड रेल को बिना बाधा वाले टेलीकाम नेटवर्क की जरूरत:

रैपिड रेल की गति 160 किमी प्रति घंटा रहने के चलते इसे बिना किसी बाधा वाले टेलीकाम नेटवर्क की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में केंद्र सरकार उसे बीएसएनएल या किसी प्राइवेट टेलीकाम कंपनी के टेलीकाम नेटवर्क से नहीं जोड़ेगी बल्कि अलग से स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी। मेट्रो सेवा और भारतीय रेल के लिए भी अलग से स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाता है।

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