देश के विकास के लिए अहम है सहकारिता, गरीबों और पिछड़ों की होगी उन्नति: अमित शाह

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नई दिल्ली. देश में पहली बार सहकारिता सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया है. सम्मेनम में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि, हमें काम का दायरा बढ़ाना होगा. उन्होंने कहा कि भारत के संस्कारों में सहकारिता है. उन्होंने कहा कि सहकारिता से गरीबों‍ और पिछड़ो का होगा विकास. उनकी उन्नति के लिए जरूरी.

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, भारत सरकार का सहकारिता मंत्रालय सभी राज्यों के साथ सहकार करके चलेगा, ये किसी राज्य से संघर्ष के लिए नहीं बना है. सरकारी समितियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम इस मंत्रालय के तहत होगा.

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा सहकारिता वाले कोई परिपत्र नहीं देखते, किसी भी आपदा आने पर मदद करने को लेकर तैयार हो जाते हैं. ये लोग बाढ़ हो, साइक्लोन हो, कुछ भी हो मदद के लिए आगे आते हैं. सहकारिता ने कई उतार-चढ़ाव देखें हैं. अमित शाह ने कहा आज इस अवसर पर सरकार के आंदोलन को बल देने वाले सभी लोगों को याद करता हूं. इस आंदोलन को आगे बढ़ाने की कामना भी मैं करता हूं.

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा आज देश में लगभग 91% गांव ऐसे हैं जहां छोटी-बड़ी कोई न कोई सहकारी संस्था काम करती है. दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं होगा जिसके 91% गांव में सहकारिता उपस्थित हों. सहकारिता मंत्रालय कॉ-ऑपरेटिव संस्थाओं को मजबूत करने, उन्हें आगे बढ़ाने, उन्हें आधुनिक बनाने, उन्हें पारदर्शी बनाने, उन्हें प्रतिस्पर्धा में टिके रखने के लिए ही बनाया गया है.

अमित शाह ने कहा कि शुरुआत में अमूल से 80 किसान जुड़े थे. जो बड़े कॉर्पोरेट नहीं कर सकते थे वो अमूल ने किया. आज 36 लाख किसान अमूल के साथ है. अमित शाह बोले कि बहुत कम लोगों को पता होगा कि लिज्जत पापड़ भी सहकारी है. अमूल और लिज्जत की सफलता में देश की महिलाओं का योगदान है.

सहकारी क्षेत्रों के प्रतिनिधि हो रहे हैं सम्मेलन में शामिल: भारत के पहले सहकारिता सम्मेलन का भवय आयोजन हो रहा. इसमें इफको, कृभको, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ, अमूल, सहकार भारती समेत देश के कई सहकारी परिवारों ने शिरकत किया. यह पहला मौका है जब देशभर की सहकारिता से जुड़े 2 हजार से अधिक सहकारी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं. इसके अलावा सम्मेलन में देश-विदेश के सहकारी समितियों से जुड़े कई लोगों ने भाग लिया है.

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए सहकार से समृद्धि के साथ सहकारिता मंत्रालय की भी स्थापना की है. इसका मकसद है देशभर की सहकारिता समितियों को और मजबूत बनाना. इसकी को लेकर आज सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसका पीएम मोदी के विजन सबका साथ, सबका विकास के उद्देश्य को साकार करना है.

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